निवारक स्वास्थ्य सेवा का ढांचा · भारत
स्वास्थ्य जोखिम को जल्दी पहचानें, लोगों के पास ही।
Nabhya Health जांच, डॉक्टर और फ़ॉलो-अप को समुदायों तक लाता है, ऐसे कार्यक्रमों के रूप में जो अपने काम का हिसाब देते हैं।
प्रमुख कार्यक्रम, प्रस्तावित
- एक राज्य के नागरिक
- 1 करोड़
- हेल्थ पॉइंट और परिवार
- 1 : 100
- तीन ऑडिट किए गए चरणों में
- 36 महीने
- घर के पास जांच
- 24×7 डॉक्टर ऑन कॉल
- डिजिटल पर्चे
- फ़ॉलो-अप जो सच में होता है
- सहमति से बने रिकॉर्ड
- ऑडिट योग्य रिपोर्ट
ज़रूरत
ज़्यादातर पुरानी बीमारियां बहुत देर से पता चलती हैं।
भारत में लगभग हर तीन में से एक वयस्क को उच्च रक्तचाप है, और लगभग हर नौ में से एक को मधुमेह। दोनों लंबी चलने वाली बीमारियां हैं, जिनमें नियमित माप और फ़ॉलो-अप ज़रूरी है।
- 01
विशेषज्ञ बहुत कम
डॉक्टर और विशेषज्ञ ज़्यादातर ग्रामीण परिवारों से दूर केंद्रित हैं।
- 02
इलाज दूर है
स्वास्थ्य केंद्र की दूरी और देर से रेफ़रल के कारण बीमारी अक्सर देर से पकड़ी जाती है।
- 03
निरंतरता नहीं
व्यक्ति के साथ चलने वाले रिकॉर्ड के बिना, पहली रीडिंग शायद ही कभी फ़ॉलो-अप तक पहुंचती है।
मॉडल
चार हिस्से, एक व्यवस्था।
जहां लोग पहले से इकट्ठा होते हैं, वहीं काम करने के लिए बना। शुरुआत गांवों से।
हेल्थ पॉइंट
जहां लोग पहले से इकट्ठा होते हैं, वहां एक जांच केंद्र। गांवों में हर 100 परिवारों पर एक।
हेल्थ एजेंट
प्रशिक्षित स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जो स्वयं सहायता समूहों, ग्राम सेवकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में से चुने जाते हैं।
डॉक्टरों का नेटवर्क
हेल्थ कमांड सेंटर में डॉक्टर और विशेषज्ञ पैनल, जिनसे टेलीकंसल्टेशन से जुड़ा जाता है।
प्लेटफ़ॉर्म
हर व्यक्ति का एक स्वास्थ्य रिकॉर्ड, डॉक्टरों के लिए चिंताएं चिह्नित करने वाला AI रिस्क इंजन, और अधिकारियों के लिए डैशबोर्ड।
कार्यक्रम
तीन कार्यक्रम। एक मानक।
हर कार्यक्रम लोगों के एक तय समूह की सेवा करता है, जो देता है उसकी रिपोर्ट करता है, और शुरू होने तक प्रस्तावित ही कहलाता है।
स्थितिप्रस्तावित पायलट
ग्रामीण स्वास्थ्य और निवारक देखभाल
एक राज्य में 36 महीनों में 1 करोड़ नागरिकों के लिए जांच, टेलीकंसल्टेशन और फ़ॉलो-अप, हर 100 परिवारों पर एक ग्राम हेल्थ पॉइंट के ज़रिए।
- नागरिक
- 1 करोड़
- परिवार
- ~20 लाख
- महीने
- 36
स्थितिप्रस्तावित सेवा
डॉक्टर ऑन कॉल
बहुत से लोगों की देखभाल करने वाले संगठनों के लिए पंजीकृत MBBS डॉक्टरों तक चौबीसों घंटे फ़ोन पर पहुंच: परामर्श, चिकित्सकीय रूप से उचित होने पर डिजिटल पर्चा, और ज़रूरत पड़ने पर रेफ़रल।
- छुट्टियों में भी
- 24×7
- पंजीकृत डॉक्टर
- MBBS
- सेवा रिपोर्ट
- मासिक
स्थितिप्रस्तावित योजना
स्वास्थ्य और सुरक्षा योजना
बड़े नेटवर्क के सदस्यों के लिए एक योजना: असीमित ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श, साथ में एक लाइसेंस प्राप्त बीमा कंपनी से व्यक्तिगत दुर्घटना कवर और हॉस्पिटल कैश लाभ, नामांकन पूरी तरह ऑनलाइन।
- लाभ एक योजना में
- 3
- ऑनलाइन परामर्श
- असीमित
- शुरुआत से लॉन्च तक
- 6 हफ़्ते
देखभाल की यात्रा
पहली जांच से फ़ॉलो-अप तक।
किसी को अगला कदम अकेले नहीं खोजना पड़ता। यह प्रस्तावित डिज़ाइन है।
- 01
संपर्क
हेल्थ एजेंटसामुदायिक बैठकों और घर-घर जाकर कार्यक्रम के बारे में बताते हैं।
प्लेटफ़ॉर्मदर्ज करता है कि किन घरों तक पहुंचा गया है।
- 02
पंजीकरण
हेल्थ एजेंटहर व्यक्ति का पंजीकरण उनकी सहमति से करते हैं।
प्लेटफ़ॉर्मएक सुरक्षित रिकॉर्ड बनाता है, जिसे ABHA से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- 03
स्वास्थ्य प्रोफ़ाइल
हेल्थ एजेंटइतिहास, दवाइयां और बुनियादी माप दर्ज करते हैं।
प्लेटफ़ॉर्मएक डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफ़ाइल बनाता है जो व्यक्ति के साथ रहती है।
- 04
जांच
हेल्थ एजेंटतापमान, नब्ज़, रक्तचाप, रक्त ऑक्सीजन और ECG मापते हैं।
प्लेटफ़ॉर्महर रीडिंग व्यक्ति की प्रोफ़ाइल में दर्ज करता है।
- 05
जोखिम की पहचान
हेल्थ एजेंटनतीजे सरल भाषा में समझाते हैं।
प्लेटफ़ॉर्मजिन रीडिंग पर डॉक्टर की ज़रूरत है, उन्हें चिह्नित करता है। AI चिह्नित करता है; फ़ैसला डॉक्टर करते हैं।
- 06
परामर्श या रेफ़रल
हेल्थ एजेंटव्यक्ति को वीडियो से डॉक्टर से जोड़ते हैं।
प्लेटफ़ॉर्मज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञ, सूचीबद्ध लैब या जन औषधि केंद्र तक भेजता है।
- 07
फ़ॉलो-अप
हेल्थ एजेंटतय समय पर हालचाल लेते हैं और जांच दोहराते हैं।
प्लेटफ़ॉर्मफ़ॉलो-अप तय करता है और कोई छूट जाए तो एजेंट को सूचना देता है।
प्रमुख कार्यक्रम
पहले 15 लाख। 1 करोड़ तभी, जब यह काम करे।
ग्रामीण स्वास्थ्य और निवारक देखभाल कार्यक्रम एक राज्य में 36 महीनों के लिए प्रस्तावित है। हर चरण एक ऑडिट की गई परिणाम रिपोर्ट के साथ पूरा होता है, उसके बाद ही अगला शुरू होता है।
वर्ष 1
15 लाख
लोग
- परिवार
- 3 लाख
- हेल्थ पॉइंट
- ~3,000
वर्ष 2
50 लाख
लोग
- परिवार
- 10 लाख
- हेल्थ पॉइंट
- ~10,000
वर्ष 3
1 करोड़
लोग
- परिवार
- 20 लाख
- हेल्थ पॉइंट
- ~20,000
कवरेज प्लानर
आपके क्षेत्र में क्या लगेगा?
परिवारों की संख्या डालें और देखें कि मॉडल के हिसाब से कितने हेल्थ पॉइंट, हेल्थ एजेंट और कौन से चरण लगेंगे।
हम किसके लिए हैं
उनके लिए बना, जो जनस्वास्थ्य के लिए जवाबदेह हैं।
सरकारें और सार्वजनिक कार्यक्रम
आबादी के स्तर पर जांच, और पंजीकरण, जांच व रेफ़रल की लाइव जानकारी।
सरकारों के लिएफंडर और CSR
एक तय कार्यक्रम, चरणबद्ध प्रतिबद्धताएं और स्वतंत्र रूप से ऑडिट की गई परिणाम रिपोर्ट।
फंडरों के लिएस्वास्थ्य और तकनीकी साझेदार
अस्पतालों, लैब, डिवाइस निर्माताओं, NGO और SHG संघों के लिए भूमिकाएं।
साझेदारों के लिए
शासन
हर कार्यक्रम अपना काम दिखाता है।
चार प्रतिबद्धताएं, जिन पर कोई विभाग हमें जवाबदेह ठहरा सकता है।
01चरण गेट
हर चरण एक ऑडिट की गई परिणाम रिपोर्ट के साथ खत्म होता है। उसकी समीक्षा के बाद ही अगला चरण शुरू होता है।
02चिकित्सा निगरानी
एक विशेषज्ञ पैनल नैदानिक फ़ैसलों की निगरानी करता है और मामलों की समीक्षा करता है।
03लाइव डैशबोर्ड
अधिकारी पंजीकरण, जांच, रेफ़रल और फ़ॉलो-अप को होते हुए देखते हैं।
04डिज़ाइन से डेटा सुरक्षा
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अनुपालन के लिए बना, और ABDM व ABHA के साथ इंटरऑपरेबिलिटी के लिए डिज़ाइन किया गया। कोई भी रिकॉर्ड बनने से पहले सहमति ली जाती है।
हम क्या रिपोर्ट करते हैं
दस आंकड़े, हर चरण के बाद प्रकाशित।
हर चरण के अंत में उन्हीं दस संकेतकों पर एक स्वतंत्र रूप से ऑडिट की गई रिपोर्ट आती है, ताकि एक चरण की तुलना दूसरे से की जा सके।
- कवर किए गए लोग
- पंजीकृत परिवार
- सक्रिय हेल्थ पॉइंट
- प्रमाणित हेल्थ एजेंट
- जांच सत्र
- असामान्य नतीजे
- समीक्षा किए गए AI जोखिम अलर्ट
- टेलीकंसल्टेशन
- पूरे हुए रेफ़रल
- पूरे हुए फ़ॉलो-अप
पहली रिपोर्ट चरण 1 के अंत के बाद आएगी।
नीतिगत तालमेल
जो पहले से है, उसे मज़बूत करने के लिए बना।
आयुष्मान भारत
जांच और फ़ॉलो-अप को घर तक ले जाता है, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़ा हुआ।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
गैर-संचारी रोगों की जांच का डेटा मौजूदा कार्यक्रमों तक पहुंचाता है।
डिजिटल स्वास्थ्य
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ABHA से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किए गए रिकॉर्ड।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य
पहले से मौजूद आंगनवाड़ी नेटवर्क के साथ मिलकर काम करता है।
ग्रामीण आजीविका
स्वयं सहायता समूहों और आंगनवाड़ी से जुड़ी महिलाओं के लिए स्थानीय स्वास्थ्य रोज़गार बनाता है।
Nabhya Health एक स्वतंत्र संस्था है। यहां किसी योजना का नाम तालमेल दिखाता है, समर्थन नहीं।
ब्रीफ़िंग पैक
मॉडल को ले जाइए अपनी अगली बैठक में।
ज़रूरत, मॉडल, प्रस्तावित पायलट और उसके सुरक्षा उपायों का संक्षिप्त सार, जिसे अधिकारी आपस में साझा कर सकें।
अगले कदम
शुरुआत एक बातचीत से।
तीन कदम, और योजना पर सहमति से पहले कोई प्रतिबद्धता नहीं।
- 01
ब्रीफ़िंग
मॉडल, चरणों और सुरक्षा उपायों पर 30 मिनट की जानकारी।
- 02
दायरा तय करना
आपके अधिकारियों के साथ भूगोल, संख्याओं और मौजूदा योजनाओं से जुड़ाव पर काम।
- 03
चरणबद्ध योजना
किसी भी प्रतिबद्धता से पहले, तय चरण-गेट मानदंडों के साथ चरण 1 की योजना।